GRSE शेयर में जोरदार उछाल
शिपबिल्डिंग सेक्टर में इंडिया का जोरदार कदम, और शेयर मार्केट में GRSE ने सोमवार को 4.54% की बढ़त दिखाई। Garden Reach Shipbuilders & Engineers Limited का शेयर अब ₹2,722.20 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि हाई ₹2,761 तक गया, कुल मार्केट कैप ₹31,183.35 करोड़।GRSE अब इंडियन नेवी और कोस्ट गार्ड के लिए विश्व स्तरीय जहाज़ बनाने के लिए और भी मजबूत स्थिति में है।

MOU से बढ़े कदम
20 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “समुद्र से समृद्धि” मिशन के तहत GRSE ने कई प्रमुख साझेदारों के साथ MOU साइन किया। इसमें शामिल हैं:
- Deendayal Port Authority
- Syama Prasad Mookerjee Port Authority
- Indian Port Rail & Ropeway Corporation
- Shipping Corporation of India
- Modest Infrastructure Private Limited
इस MOU के तहत GRSE और पार्टनर्स मिलकर:
- नए जहाज़ बनाएंगे, जिनमें पर्यावरण के अनुकूल और low-emission vessels शामिल हैं
- शिप रिपेयरिंग और ग्रीन टग्स निर्माण
- पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
- जेट्टी और बर्थ्स का विकास
- लॉजिस्टिक्स और last-mile connectivity में सुधार
- सिविल, रेल और ropeway इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट
इससे इंडिया के शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री और समुद्री सेक्टर को नई ताकत मिलेगी।
मैनेजमेंट का कहना
GRSE के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Cmde PR Hari, IN (Retd.) का कहना है:
“हम GRSE में गर्व महसूस करते हैं कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के historic programme का हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य इंडिया को 2047 तक टॉप 5 शिपबिल्डिंग देशों में लाना है। MOU से यह रास्ता और मजबूत होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि GRSE वॉरशिप और कमर्शियल शिपबिल्डिंग में अग्रणी है और Aatmanirbhar Bharat और Maritime Amritkal विज़न में पूरी तरह committed है।
कंपनी के बारे में
Garden Reach Shipbuilders & Engineers Limited, रक्षा मंत्रालय के तहत एक Defence Public Sector कंपनी है।
- प्रमुख जहाज़: इंडियन नेवी और कोस्ट गार्ड के लिए
- अन्य जहाज़: बोट्स, बार्ज, फेरी, टग्स, ड्रेजर्स, रेस्क्यू और फिशिंग बोट्स
तिमाही प्रदर्शन (Q1FY26 vs Q1FY25)
| मापदंड | Q1FY26 | Q1FY25 |
|---|---|---|
| ऑपरेटिंग रिवेन्यू | ₹1,310 करोड़ | ₹1,010 करोड़ |
| नेट प्रॉफिट | ₹120 करोड़ | ₹87 करोड़ |
| ROE | 27.6% | – |
| ROCE | 36.6% | – |
| P/E | 55.59 | Industry Avg: 76.22 |
GRSE ने अपनी legacy और कमर्शियल शिपबिल्डिंग में बढ़ते कदम के साथ इंडियन मरीन सेक्टर में नई पहचान बनाई है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
GRSE के MOU और शेयर की बढ़त से यह साफ है कि इंडियन शिपबिल्डिंग सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती आ रही है। निवेशकों और मार्केट अवेयरनेस के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि GRSE इंडस्ट्री में अपना दबदबा बनाए रखेगी।









