राजस्थान सरकार की डिजिटल यात्रा को एक नया मोड़ मिला है। DEV Information Technology Ltd (DEVIT) को National Informatics Centre Services Incorporated (NICSI) से एक अहम ऑर्डर मिला है। इस प्रोजेक्ट का नाम है “Cooperative Management System 2.0 (Raj Sahakar)”, जो कोऑपरेटिव सोसाइटियों में ओवरड्यू लोन सेटलमेंट को डिजिटाइज़ करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

यह एक फिक्स्ड कॉस्ट प्रोजेक्ट है जिसकी वैल्यू लगभग ₹40 लाख है और इसे पूरा करने के लिए DEVIT को 12 महीने का टाइमलाइन दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के ज़रिए कंपनी का फोकस सरकार की फाइनेंशियल और अर्बन रिफॉर्म्स को सपोर्ट करना है।
DEVIT क्या करता है?
1997 में शुरू हुई DEVIT, एक छोटे सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर से अब एक ग्लोबल IT कंपनी बन चुकी है। कंपनी भारत में मज़बूत पकड़ रखने के साथ-साथ इंटरनेशनल मार्केट में भी अपनी उपस्थिति बनाए हुए है। DEVIT की सेवाओं में शामिल हैं:
- क्लाउड सॉल्यूशन्स
- डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
- एंटरप्राइज़ ऐप्लिकेशन्स
- डेटा एनालिटिक्स (Talligence)
- डॉक्युमेंट मैनेजमेंट (ByteSIGNER)
कंपनी का मकसद है बिज़नेस को टेक्नोलॉजी के ज़रिए स्मार्ट, तेज़ और असरदार बनाना।
ताज़ा फाइनेंशियल अपडेट
Q1 FY26 में:
- Revenue: ₹42.99 करोड़ (21.2% की ग्रोथ YoY)
- Net Profit: ₹2.18 करोड़ (41.2% की गिरावट YoY)
FY25 में:
- Net Sales: ₹171 करोड़ (4% YoY ग्रोथ)
- Net Profit: ₹15 करोड़ (67% YoY ग्रोथ)
Q1 में प्रॉफिट गिरने की एक वजह ऑपरेटिंग कॉस्ट और नए प्रोजेक्ट्स में इनिशियल इन्वेस्टमेंट मानी जा रही है।
स्टॉक परफॉर्मेंस और ग्रोथ
DEVIT ने हाल ही में 21 अगस्त 2025 को स्टॉक स्प्लिट किया है, जिसमें हर ₹5 का शेयर अब दो ₹2 के शेयर्स में बंट गया है।
- Market Cap: ₹240 करोड़ से ज़्यादा
- Order Book: ₹50 करोड़ से अधिक
- 52-week Low: ₹35.26
- रिटर्न (5 साल में): 300% से ज़्यादा (multibagger performance)
- Current Gain: 26.2% ऊपर 52-week low से
स्टॉक स्प्लिट और लगातार मिल रहे सरकारी प्रोजेक्ट्स DEVIT की long-term स्ट्रैटेजी को मज़बूती देते हैं।
निष्कर्ष
DEVIT का नया सरकारी प्रोजेक्ट न केवल कंपनी की गवर्नमेंट टेक्नोलॉजी स्पेस में पकड़ को मज़बूत करता है, बल्कि भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन को भी सपोर्ट करता है।
टेक्नोलॉजी, गवर्नमेंट पार्टनरशिप और मजबूत ऑर्डर बुक के दम पर DEVIT आने वाले समय में एक उभरता हुआ नाम बन सकता है।









